सहारनपुर : कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र को कुचला जा रहा है और अभिव्यक्ति की आजादी पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक राजनीति का जवाब सांप्रदायिकता से देने की कोशिश की गई तो इसका राजनीतिक फायदा भाजपा को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की रणनीति के तहत आगे बढ़ेगी। प्रत्याशियों की सूची और सीटों के बंटवारे पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
सभी 403 सीटों पर गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की रणनीति
चुनावी तैयारियों को लेकर इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस में चुनाव को लेकर चर्चा शुरू हो चुकी है और तैयारियों पर काम किया जा रहा है। पार्टी के नेता आपस में बैठकर विचार-विमर्श करेंगे और उसके बाद प्रत्याशियों तथा सीटों के बंटवारे को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी प्रत्याशियों की सूची और सीटों के बंटवारे पर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। अगले तीन से चार दिनों में सूची सौंपे जाने की चर्चाओं पर भी उन्होंने कहा कि इस संबंध में अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है। उनके मुताबिक, कांग्रेस गठबंधन को साथ लेकर चुनाव लड़ने की दिशा में आगे बढ़ेगी।
ओवैसी के बयान पर जताई असहमति
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने मुसलमानों का नेता मुसलमान होने की बात कही थी, इमरान मसूद ने असहमति जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की सांप्रदायिक बातें राजनीतिक माहौल को प्रभावित कर सकती हैं और दूसरी तरफ भी सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा मिल सकता है।
इमरान मसूद के अनुसार, यदि राजनीति इसी दिशा में आगे बढ़ती है तो इसका लाभ भाजपा को मिल सकता है। उन्होंने कहा कि देश किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि सभी नागरिकों का है। राजनीति का उद्देश्य लोगों को बांटना नहीं, बल्कि सभी वर्गों को साथ लेकर चलना होना चाहिए।
उन्होंने अपने बयान में इस बात पर जोर दिया कि सांप्रदायिक राजनीति का मुकाबला करने के लिए समाज को बांटने वाली भाषा का सहारा लेना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, राजनीतिक दलों को ऐसी रणनीति अपनानी चाहिए, जिससे सामाजिक सद्भाव बना रहे और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूती मिले।
राहुल गांधी की यात्रा पर भाजपा की टिप्पणियों पर उठाए सवाल
राहुल गांधी की यात्रा को लेकर भाजपा की ओर से की जा रही टिप्पणियों पर भी इमरान मसूद ने सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी की यात्रा से भाजपा को परेशानी क्यों होती है। इस मुद्दे पर उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भाजपा की प्रतिक्रिया और सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।
उनके बयान के अनुसार, लोकतंत्र में विपक्षी दलों को अपनी बात रखने और राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार है। ऐसे में विपक्ष की गतिविधियों पर सवाल उठाने के बजाय राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
संसद में चर्चा और सभी दलों की भागीदारी पर जोर
संसद में चर्चा और विपक्ष के सहयोग को लेकर भाजपा की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर भी कांग्रेस सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार को सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाकर संबंधित विषय का मसौदा सामने रखना चाहिए। इसके बाद सभी दलों की राय लेकर चर्चा के आधार पर आगे बढ़ना चाहिए।
इमरान मसूद ने सवाल उठाया कि संसद का सत्रावसान किए बिना खामोशी से फैसले लेने का तरीका क्या है। उनका कहना था कि महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लेने से पहले व्यापक चर्चा और सभी पक्षों की भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद और विचार-विमर्श को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में पारदर्शी प्रक्रिया अपनानी चाहिए। उनके मुताबिक, राजनीतिक मतभेदों के बावजूद सभी दलों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया
विदेशों में हो रहे विरोध प्रदर्शनों और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान भारत में लोगों को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर भी इमरान मसूद ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया जा रहा है।
तिरंगा लहराने को लेकर उठे विवाद और लोगों को हिरासत में लिए जाने के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि विरोध और असहमति के मामलों में सरकार को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार डर के माहौल में काम कर रही है।
इमरान मसूद ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति, संवाद और विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी है कि अलग-अलग विचार रखने वाले लोगों की बात सुनी जाए और महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर चर्चा हो।
चुनावी रणनीति और राजनीतिक मुद्दों पर कांग्रेस का रुख
इमरान मसूद के बयान में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों, गठबंधन की रणनीति, ओवैसी के बयान, राहुल गांधी की यात्रा और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस का रुख सामने आया। उन्होंने एक ओर सभी 403 विधानसभा सीटों पर गठबंधन के साथ चुनाव लड़ने की रणनीति की बात कही, वहीं दूसरी ओर सांप्रदायिक राजनीति को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
हालांकि, उन्होंने साफ किया कि प्रत्याशियों की सूची और सीटों के बंटवारे को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। पार्टी के भीतर चर्चा और सहयोगी दलों के साथ विचार-विमर्श के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। उनके बयानों से स्पष्ट है कि कांग्रेस चुनावी तैयारियों के साथ-साथ लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक सद्भाव जैसे मुद्दों को भी राजनीतिक चर्चा में प्रमुखता दे रही है।

